कोरोना की वजह से दुनिया भर में फंसे भारतीयों की वतन वापसी के लिए सरकार ने वंदे भारत मिशन शुरू किया है। 1990 के खाड़ी युद्ध के बाद ये सबसे बड़ा एयरलिफ्ट ऑपरेशन होगा। इसका पहले फेज 7 दिन चलेगा। इस दौरान 12 देशों से 64 विमानों में 14 हजार 800 लोग भारत लाए जाएंगे। पहले दिन यानी आज, 9 देशों के 10 शहरों से 10 फ्लाइट 2300 भारतीयों को लेकर देश के 7 शहरों में पहुंचने की उम्मीद है।

पहली फ्लाइट कोच्चि से दोपहर 12.30 बजे अबू धाबी के लिए रवाना हुई। इसके 3.15 बजे अबू धाबी पहुंचने और 4.15 बजे वहां से उड़ान भरने की उम्मीद है। इस फ्लाइट से करीब 200 लोग लौटेंगे।

फ्लाइट कहां से आएगीकहां पहुंचेगीकितने लोग आएंगे
अबू धाबीकोच्चि200
दुबईकोझिकोड200
रियादकोझिकोड200
दोहाकोच्चि200
लंदनमुंबई250
सिंगापुरमुंबई250
कुआलालंपुरदिल्ली250
सैन फ्रांसिस्कोमुंबई-हैदराबाद300
मनीलाअहमदाबाद250
ढाकाश्रीनगर200

विदेशों में फंसे लोगों को लाने के लिए सरकार ने जो नियम तय किए हैं उनके मुताबिक लोगों को फ्लाइट का किराया खुद ही देना होगा। अमेरिका से आने वाली फ्लाइट का किराया सबसे ज्यादा एक लाख रुपए होगा। लंदन से आने वालों को 50 हजार रुपए देने होंगे।

ये फोटो केरल के कोच्चि एयरपोर्ट की है जहां अबू धाबी से एक फ्लाइट केरल के लोगों को लेकर आज पहुंचेगी।

केरल के ही 4.27 लाख लोग लौटना चाहते हैं
द डिपार्टमेंट ऑफ नॉन रेजिडेंट केरलाइट्स अफेयर्स (NORKA) के पोर्टल पर 4 मई तक इतने लोग रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। ज्यादातर खाड़ी देशों में रह रहे हैं। इनमें से 1.69 लाख इन 5 कैटेग्री के हैं-
1. जिनकी नौकरी जा चुकी है या कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं हुआ
2. किसी अपराध में सजा पूरी करने के बाद लौटने के इंतजार में हैं
3. गर्भवती महिलाएं
4. पढ़ाई पूरी कर चुके स्टूडेंट
5. जिनका वीजा एक्सपायर हो चुका

केरल सरकार के मुताबिक केंद्र सरकार ने 80 हजार लोगों को प्रायरिटी लिस्ट में रखा है।

गोवा के एनआरआई कमीशन के पोर्टल पर 6 मई तक इतने लोग रजिस्टर कर चुके थे। ये 65 अलग-अलग देशों में रह रहे हैं। ज्यादातर मिडिल-ईस्ट और यूके में हैं। वंदे भारत मिशन के पहले फेज में गोवा के लोग शामिल नहीं हैं लेकिन, 14 मई से शुरू होने वाले दूसरे फेज में कुछ लोगों को लाया जा सकता है।

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